अपना गम लेके कहीं और न जाया जाये
घर में बिखरी हुई चीजों को सजाया जाये
जिन चिरागों को हवाओं का कोई खौफ नही
उन चिरागों को हवाओं से बचाया जाये
बाग़ में जाने का अदब हुआ करते हैं
किसी तितली को फूलों से न उड़ाया जाये
खुदखुशी करने की हिम्मत नहीं होती सब में
और कुछ दिन यूँ ही औरों को सताया जाये
No comments:
Post a Comment