दुश्मनी को करीब मत करना
ग़म को अपना नसीब मत करना
मेरे अल्लाह इस ज़माने में
आदमी को गरीब मत करना
दुश्मनों से वफ़ा मिलेगी तुम्हे
दोस्तों को रकीब मत करना
दिले ज़ख्मों पे मरहम के लिए
दोस्तों को ताबीब मत करना
दिल जो दो किसी को नाज़ुक तो
उसको या रब अदीब मत करना
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